क्रिकेट समीक्षा प्रणाली कैसे काम करती है
Decision Review System में प्रत्येक टीम को एक पारी में सीमित रिव्यू मिलते हैं। कप्तान अंपायर के फ़ैसले को चुनौती देता है, जिसके बाद थर्ड अंपायर हॉटस्पॉट, स्निकोमीटर और बॉल-ट्रैकिंग तकनीक से उस फ़ैसले की जाँच करता है। हॉटस्पॉट इन्फ्रारेड कैमरे से बल्ले और बॉल के संपर्क की गर्मी दिखाता है। स्निकोमीटर ध्वनि तरंगों के ज़रिए एज को पहचानता है। बॉल-ट्रैकिंग गेंद
की पिच-पॉइंट और संभावित दिशा की गणना करती है। चेन्नई में बैठे दर्शक भी अब इन तकनीकों को लाइव प्रसारण पर देख सकते हैं।